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Rich Dad Poor Dad in Hindi (Ch-3) लायबिलिटी और एसेट्स के बीच फर्क समझे और एसेट्स खरीदें।

Rich Dad Poor Dad Summary in Hindi Understand the Difference Between Liability and Assets & Buy Assets, फर्स्ट क्लास, मिडिल क्लास और लोअर क्लास का कैश फ्लो कुछ ऐसा होगा

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Rich Dad Poor Dad Summary in Hindi Understand the Difference Between Liability and Assets & Buy Assets, फर्स्ट क्लास, मिडिल क्लास और लोअर क्लास का कैश फ्लो कुछ ऐसा होगा
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Rich Dad and Poor Dad Book in Hindi: सुनने में बड़ी आसान बात लगती है, लेकिन यही एक रूल है जो आप को अमीर बनाने में मदद करेगा। अक्सर गरीब और मिडिल क्लास लोग लाएबीलिटीज को एस्सेट्स समझ लेते हैं। मगर अमीर जानता है कि असल में एस्सेट्स होता क्या है और वह वही ही खरीदता है। अमीर पिता किस प्रिंसिपल में यकीन रखते हैं जिसका मतलब है कीप इट सिंपल, स्टुपिड (Keep it simple, stupid) उन्होंने लेखक और उसके दोस्त माइक को यही सिंपल बात सिखाई जिसके बदौलत वह इतनी मजबूत फाउंडेशन रखने में कामयाब हो सके।

इस सिख की यही सिंपल बात है की लायबिलिटीज और एस्सेट्स के बिच फर्क समझ और एस्सेट्स खरीदी लेकिन अगर यह इतना ही सिंपल है तो हर एक इंसान आमिर क्यों नहीं होता ? मगर यहां मामला उल्टा है। यह दरअसल इतना सरल है कि हर कोई इस बारे में सोचता तक नहीं है। लोगों को लगता है कि उन्हें लायबिलिटीज और एस्सेट्स के बीच फर्क मालूम है, मगर उन्हें सिर्फ लिट्रेसी के बारे में मालूम है फिनांशल लिट्रेसी के बारे में नहीं। पीडीएप में कुछ ड्राइंग्स दी गई है, जिसकी मदद से अमीर डैड ने एस्सेट्स और लायबिलिटीज के बिच का फर्क समझाया है।

Assets and liabilities

एस्सेट्स का कैश फ्लो कुछ इस तरह होता है।

इनकम स्टेटमेंट / बैलेंस सीट: इनकम स्टेटमेंट को “प्रॉफिट और लॉस” का स्टेटमेंट मानकर चलना चाहिए। इसका सिंपल सा यह मतलब है कि इनकम की आपके पास कितना पैसा आया है और एक्सपेंस है की आपसे कितना पैसा खर्च हुआ। बैलेंस शीट एस्सेट्स और लायबिलिटीज को भी ये पता नहीं होता की आखिर बैलेंस शीट ओर इनकम स्टेटमेंट कैसे एक दूसरे से जुड़े हैं !

लायबिलिटी में कैश फ्लो कुछ ऐसा होगा। 

इनकम स्टेटमेंट / बैलेंस सीट: अब यह चार्ट देखने में बहुत सिंपल है, इसे आसानी से लोगों को समझाया जा सकता है। एस्सेट्स वह चीज होती है, जो आपके लिए पैसे कमाने का काम करती है। मान लो आपको एक खरीद कर उसे किराए पर देते हैं तो उसी किराए से आप वह लोन भी चुका सकते हैं जो आपने घर खरीदने के लिए लिया था। अब घर भी आपका हुआ और उससे मिलने वाला किराया भी आपका हुआ। इसके उलट लायबिलिटीज आपकी जेब से पैसे खर्च करवाती हैं। जैसी खरीद कर उसमें रहने से आपको कोई किराया नही बिल्ली वाला। तो अब आप समझ गए होंगे कि अगर अमीर बनना है तो एस्सेट्स खरीदिए और गरीब ही रहना है तो लायबिलिटीज।

अमीर लोगों के पास ज्यादा पैसा इसी होता है की वह इस प्रिंसिपल पर यकीन करते हैं। वहीं दूसरी तरफ गरीब लोग इस प्रिंसिपल को ठीक से समझ नहीं पाते। इसलिए इस बात पर जोर दिया जा रहा है किससे लिटरेट नहीं बल्कि फाइनेंसियल लिटरेट बनिए। इस नंबर से कुछ नहीं होता, फर्क तो तब पड़ता है जब आप अपनी कहानी खुद लिखें। अधिकतर परिवारों में यह देखा गया है कि जो मेहनती होता है उसके पास पैसा भी ज्यादा होता है मगर उसका फायदा क्या जब सारा पैसा लायबिलिटीज में ही खर्च हो जाए।

यह एक मिडल क्लास का कैश फ्लो है। 

इनकम स्टेटमेंट / बैलेंस सीट: यह चार्ट दिखाते हैं कि मिडिल क्लास आदमी अपना पैसा किस तरह खर्च करते हैं, और अगर यही उनका तरीका रहता है तो सारी जिंदगी वह middle-class बनकर रहते हैं, या फिर यह भी हो सकता है की वह इससे भी निचे चले जाए। क्योंकि आप देख सकते हैं कि उनका सारा पैसा लायबिलिटी में ही खर्च हो रहा है। कभी मोटेज, कभी रेंट, कार लोन, हाउस लोन, क्रेडिट कार्ड का बिल, फीस और भी न जाने क्या-क्या। उनकी सारी कमाई इसमें खर्च हो जाती है।

दूसरी और गरीब लोग है जिनकी कोई लायबिलिटीज तो नहीं है मगर उनकी कोई एस्सेट्स भी नहीं होते। वह भी पैसे कमाते हैं, सैलरी पाते हैं मगर हर रोज़ उनका सारा पैसा खर्च हो जाता है। माना एक गरीब आदमी 1000 डॉलर कमाता है, उसमें से $300 वह अपने छोटे से घर के किराए में खर्चता है, $200 टैक्स और $200 खाने और कपड़ों के खर्च हो जाता है। अब उसके पास बचा क्या ? कुछ भी नहीं, और कभी-कभी तो उधार लेकर काम चलाना पड़ता है। जिससे वह गरीब हो जाता है।

इसके उलट अमीर एस्सेट्स खरीद कर रखते हैं, फिर उनके यह एस्सेट्स उन्हें और पैसा कमा कर देते हैं। उनकी कमाई इसी तरह दो से चार चार से आठ होती जाती हैं।

अधिकता अमीर लोग दिमाग से काम लेते हैं, वह घर पर लोन लेकर उसे किराए पर लगा देते हैं। बिना मेहनत के हर महीने किराया मिलता रहता है, जिससे वह अपने घर का लोन भी चुका लेता है। मानिये की लोन की इंस्टॉलमेंट $1 है तो यह अपने घर से $2 किराया वसूल करेगा। $1 बैंक को देंगे $1 अपनी जेब में। असल में अमीर और गरीब कैट के बीच बस सोच का फासला है। अपना पैसा कैसे खर्चे सिर्फ यही मुद्दे की बात और कुछ नहीं।


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  1. […] तो यह है कि बड़े घर के साथ उन्होंने नई लायबिलिटीज (Liability) भी खरीद ली है। उनके कैश फलों में अब […]

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