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Rich Dad Poor Dad in Hindi PDF (CH-2) – सच का सामना कीजिये और फिनेंशियल लिटरेसी क्यों सिखाई जाए ?

Rich Dad Poor Dad in Hindi PDF - Face the truth and why to teach Financial Literacy? | सच का सामना कीजिये और फिनेंशियल लिटरेसी क्यों सिखाई जाए? | रिच डैड पुअर डैड हिंदी ट्रांसलेशन।

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Rich Dad Poor Dad in Hindi PDF - Face the truth and why to teach Financial Literacy? | सच का सामना कीजिये और फिनेंशियल लिटरेसी क्यों सिखाई जाए? | रिच डैड पुअर डैड हिंदी ट्रांसलेशन
Rich Dad Poor Dad in Hindi PDF

Rich Dad Poor Dad Review in Hindi: आप खुद के लिए जवाबदेह है दूसरों के लिए नहीं। तो आपके जो भी सवाल है, खुद से पूछिए क्योंकि उनका जवाब सिर्फ आपके पास ही है। क्या आप सिर्फ इसलिए काम कर रहे हैं कि आपकी जिंदगी में सिक्योरिटी रहे ? एक ऐसी नौकरी जहां से आप को निकाले जाने का कोई डर न हो ? या फिर आप सिर्फ दो पैसे कमाने के लिए काम करते हैं ? और आपको लगता है कि 1 दिन आप इस तरह अमीर हो जाएंगे। क्या बस यही आपको सुनिश्चित (Setify) करने के लिए काफी है। अगर आपका जवाब “हां” है तो मुझे आपकी सोच पर बेहद अफसोस है, क्योंकि जो आपने बनने के सपने देखे हैं वह कभी पूरी नहीं होने वाले। आप अपनी पूरी जिंदगी गरीबी में ही बिता देंगे। लेकिन अगर आपका जवाब “ना” है, तो आपका पहला कदम ये होगा की सबसे पहले आप अपने मन में से डर को निकाल दीजिए। क्योंकि ज्यादा पैसा ना कमा पाने का डर और लालच ही आपको बगैर सोच समझ काम करने के लिए मजबूर करता है, और हमारा यही कदम हमें ना कामयाबी की ओर तरफ धकेलता है। बेशक हम सबके अंदर डरे और चाहत की भावना होती है लेकिन उन्हें खुद पर इतना हावी ना होने दें कि हम उनके बस में होकर उल्टे सीधे फैसले लेने लग जाए। बेहतर यही होगा कि हम जो भी करें पहले उसके बारे में खूब सोच ले। हमेशा दिल से ही नहीं बल्कि दिमाग से ही काम ले।

हर सुबह अपने आप से पूछिए क्या आप उतना कर पा रहे हैं जितना कि आपको करना चाहिए ? क्या आप अपने पोटेंशियल का पूरा इस्तेमाल कर पा रहे हैं ? आम लोगों की तरह सोचना छोड़ दीजिए जो काम सिर्फ और सिर्फ पैसे के लिए करते हैं। यह सोचना छोड़ दीजिए कि “मेरा बॉस कम पैसे देते हैं, मुझे ज्यादा पैसे मिलना चाहिए, इससे ज्यादा काम करता हूं” याद रखिए आपकी परेशानी के लिए सिर्फ आप जिम्मेदार है, कोई और नहीं। बॉस आपकी सैलरी नहीं बढ़ाता तो अपने बॉस को इल्जाम मत दीजिए। जब आप अपनी समस्याओं का खुद लेते हैं तो आप उस समस्या का हल खुद निकाल सकते है। यही वह पहले सबक है जो अमीर डैड रॉबर्ट को सिखाया था। इस शब्द का एक पाठ यह भी था कि अमीर डैड ने उन्हें एक कन्वीनियंस स्टोर में काम पर लगा दिया। उन्हें इस काम का कोई पैसा नहीं मिलता था, वह केवल काम करते रहे। इसका फायदा यह हुआ कि मैं अपने दिल से काम में लगे रहे और इस दौरान कई नए आइडिया रोबोट के दिमाग में आते रहे। पैसे को अपने पीछे कैसे भगाया जाए इस बारे में उन्हें कई विचार मिले। उन्होंने देखा कि उस स्टोर की क्लर्क कॉमिक्स बुक के फ्रंट पेज को दो हिस्सों में फाड़ देती थी। आधा हिस्सा वह खुद रख लेती थी और आधा हिस्सा फाड़ कर फेंक देती थी।

देर शाम स्टोर में एक डिस्टोबुटर आया करता था। वो कॉमिक्स बुक के ऊपरी आधे हिस्से को क्रेडिट के लिए लेता और बदले में नई कॉमिक्स बुक्स दे जाया करता। एक दिन उन्होंने उस डिस्टोबुटर से पूछा की क्या वह पुरानी कॉमिक्स पुस्तक ले सकते है। वह इस शर्त पर मान गया की वह उन कॉमिक्स को बेचेंगे नहीं। यह दिमाग में बिजनस का एक नया आईडिया था। उन्होंने वह पुरानी कॉमिक्स बुक्स अपने दोस्तों और बाकी बच्चों को पढ़ने के लिए किराए पर देनी शुरू कर दी। बदले में वह हर किताब के 10 सेंट (Cent) किराया वसूल करते थे। हर किताब सिर्फ दो घंटे के हिसाब से पढ़ने के लिए दी जाती थी, तो असल मायनो में वह उन्हें बेच नहीं रहे थे। उन्हें उस गेराज पर काम भी नहीं करना पड़ा जहां से वे कॉमिक्स किराये पर देते थे। उन्होंने माइक की बहन को काम पर रखा जिसके लिए उसे हर हफ्ते 1 $ डॉलर दिया। एक ही हफ्ते में उन्होंने 9l5 डॉलर कमाए। इस तरह उन्होंने सीखा की पैसा को खुद के लिए काम करने दो न की आप पैसे के लिए काम करो।

सबक 2: फिनेंशियल लिटरेसी क्यों सिखाई जाए ?

1923 में एजवॉटर बिच दोटल, शिकागों में एक मीटिंग हुई। दुनिया के बहुत से लीडर और बेहद अमीर बिजनेस मैन इस मीटिंग का हिस्सा बने। इनमें से एक बहुत बड़े के मालिक चार्ल्स श्वाब (Charles Schwab) और सैमुअल इंशुल (Samuel Inshall) उस वक्त की लार्जेस्ट यूटिलिटी प्रोजेक्ट और बाकी कई और बड़े बिजनेसमैन। इस मीटिंग के 25 साल बाद इनमें से कई लोग गरीबी में मरे, कुछ ने खुदकुशी कर ली थी और कईयों ने तो अपना दिमागी संतुलन खो दिया था।

असल बात तो यह है कि लोग पैसे कमाने में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि वह एक खास बात सीखना भूल जाते हैं कि पैसे को रखा कैसे जाए ? आप चाहे जितना मर्जी पैसा कमा ले, उसे बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण बात है। अगर आपने यह हुनर सीख लिया है तो आप किसी भी आड़े टेढ़े हालात का सामना आसानी से कर लेंगे। लॉटरी में मिलियन जीतने वाले लोग कुछ सालों तक तो मजे से जीते हैं मगर फिर वापस उसी पुरानी स्थिति में पहुंच जाते हैं। अधिकतर लोगों के सवाल  होते हैं कि अमीर कैसे बने ? या अमीर बनने के लिए क्या करें ? इन सवालों के जवाब से अधिकतर लोगों को निराश ही हाथ लगती है। मगर इसका सही जवाब होगा कि पहले आप फाइनैंशल लिटरेट बन्ना सीखें। देखिए – अगर आपको अंपायर स्टेट बिल्डिंग खड़ी करनी है तो सबसे पहले आपको एक गहरा गड्ढा खोदना पड़ेगा, फिर उसके लिए एक मजबूत नीव रखनी पड़ेगी। लेकिन अगर आपको एक छोटा सा घर बनाना हो तो एक 6 इंच कोंक्रीट स्लेब डालकर भी आपका काम चल जाएगा। मगर अफसोस तो इस बात का है कि हम में से ज्यादातर लोग 6 इंच स्लेब पर एक एंपायर स्टेट बिल्डिंग खड़ी करने की सोचते है। और वह ऐसा करते भी है तो जाहिर है की बिल्डिंग टूटेगी ही टूटेगी। गरीब पिता (Poor Dad) रोबोट से बस यही चाहते थे की वह खूब पढ़ाई करें, लेकिन अमिर डेट (Rich Dad) उसे फाइनेंशियल लिटरेट बनाना चाहते थे। ज्यादातर स्कूल सिस्टम बस घर बनाना सिखाते हैं, मजबूत फाउंडेशन नहीं। स्कूली शिक्षा और पढ़ाई की अपनी अहमियत है, मगर असल जिंदगी में यह सब कुछ नहीं है।


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